स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं का अध्यापन कार्य
- महाविद्यालय में शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए सैद्धांतिक पद्धति का प्रयोग व्याख्यान के माध्यम से।
- विद्यार्थियों से सम्पर्क, काठिन्य निवारण, फीडबैक, शिक्षकों का आपस में सम्पर्क एवं विचार विमर्श।
- अकादमिक उत्कृष्टता हेतु आवश्यक रचनात्मक एवं भय रहित वातावरण का निर्माण।
- अध्ययन-अध्यापन का विकास करने वाली विधियों का प्रयोग।
- अध्ययन प्रणाली के विस्तार हेतु व्याख्यानमाला का आयोजन।
- पाठ्यक्रम पूर्ण करने की अपेक्षा विषय के प्रति अभिरूचि जागृत करना।