Professor Saroj Gupta
पिछले तीन दशकों में शोध, प्रकाशन और विद्वत् योगदानों से ज्ञानवृद्धि एवं शैक्षणिक प्रगति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
“ यह पत्रिका मेरे व्यक्तिगत लेखन, कविताओं और अनुभवों का संग्रह है। इसमें मैंने अपनी सोच और भावनाओं को शब्दों में पिरोकर प्रस्तुत किया है। ”
कहानियों और अनुभवों का संग्रह।
कविताओं और लेखों से झलक।
हर पन्ने में नया विचार और नई सोच।
मेरी सोच, मेरी पहचान।
नवीनतम साहित्यिक पत्रिकाएँ और विशेषांक, जिनमें समकालीन लेख, कविताएँ और सांस्कृतिक झलकियाँ सम्मिलित हैं।
" मेरे शब्दों की असली पहचान तब होती है जब पाठकों तक पहुँचकर उनके दिल को छू लेती है। यहाँ प्रस्तुत हैं कुछ पाठकों की प्रतिक्रियाएँ। "